श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 4: श्रीराम का माता को समाचार बताना और माता से आशीर्वाद पाकर लक्ष्मण से प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.4.16 
अद्य प्रकृतय: सर्वास्त्वामिच्छन्ति नराधिपम्।
अतस्त्वां युवराजानमभिषेक्ष्यामि पुत्रक॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'बेटा! अब सारी प्रजा तुम्हें अपना राजा बनाना चाहती है, इसलिए मैं तुम्हें युवराज पद पर अभिषिक्त करूँगा॥16॥
 
'Son! Now the whole people want to make you their king, so I will anoint you as the crown prince.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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