श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 36: दशरथ का श्रीराम के साथ सेना और खजाना भेजने का आदेश, कैकेयी द्वारा इसका विरोध, राजा का श्रीराम के साथ जाने की इच्छा प्रकट करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.36.10 
एवं ब्रुवति काकुत्स्थे कैकेय्या भयमागतम्।
मुखं चाप्यगमच्छोषं स्वरश्चापि व्यरुध्यत॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जब राजा दशरथ ऐसी बातें कहने लगे तो कैकेयी बहुत डर गईं, उनका मुँह सूख गया और उनकी आवाज़ भी रुँध गई।
 
When King Dasharath started saying such things, Kaikeyi became very afraid. Her mouth became dry and her voice also became choked.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)