श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 35: सुमन्त्र के समझाने और फटकारने पर भी कैकेयी का टस-से-मस न होना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.35.22 
नृपश्चोवाच तां देवीं हासं शंसामि ते यदि।
ततो मे मरणं सद्यो भविष्यति न संशय:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तब राजा ने देवी से कहा - 'रानी! यदि मैं अपनी हंसी का कारण तुम्हें बता दूँ, तो मैं उसी क्षण मर जाऊँगा, इसमें संशय नहीं है।'
 
‘Then the king said to the goddess - ‘Queen! If I tell you the reason for my laughter, then I will die at that very moment, there is no doubt about it.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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