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श्लोक 2.34.11  |
सोऽन्त:पुरमतीत्यैव स्त्रियस्ता वाक्यमब्रवीत्।
आर्यो ह्वयति वो राजा गम्यतां तत्र मा चिरम्॥ ११॥ |
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| अनुवाद |
| तब सुमन्तराम बड़े वेग से भीतरी कक्ष में गये और सब स्त्रियों से बोले - 'देवियो! राजा तुम सबको बुला रहे हैं, अतः हम शीघ्रता से वहाँ चलें।' |
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| Then Sumantram went to the inner chamber with great speed and said to all the women - 'Ladies! The king is calling you all, so let us go there quickly.' |
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