श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 34: सीता और लक्ष्मण सहित श्रीराम का रानियों सहित राजा दशरथ के पास जाकर वनवास के लिये विदा माँगना, राजा का शोक और मूर्छा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.34.11 
सोऽन्त:पुरमतीत्यैव स्त्रियस्ता वाक्यमब्रवीत्।
आर्यो ह्वयति वो राजा गम्यतां तत्र मा चिरम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तब सुमन्तराम बड़े वेग से भीतरी कक्ष में गये और सब स्त्रियों से बोले - 'देवियो! राजा तुम सबको बुला रहे हैं, अतः हम शीघ्रता से वहाँ चलें।'
 
Then Sumantram went to the inner chamber with great speed and said to all the women - 'Ladies! The king is calling you all, so let us go there quickly.'
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas