श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 33: सीता और लक्ष्मण सहित श्रीराम का दुःखी नगरवासियों के मुख से तरह की बातें सुनते हुए पिता के दर्शन के लिये कैकेयी के महल में जाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.33.9 
अङ्गरागोचितां सीतां रक्तचन्दनसेविनीम्।
वर्षमुष्णं च शीतं च नेष्यत्याशु विवर्णताम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
सीताजी सुगन्धित द्रव्य धारण करने योग्य हैं, वे लाल चंदन लगाने योग्य हैं। अब वर्षा, गर्मी और शीत शीघ्र ही उनके शरीर की चमक को क्षीण कर देंगे॥ 9॥
 
‘Sita is fit for wearing perfume, she is fit for using red sandalwood. Now rain, heat and cold will soon fade the lustre of her body.॥ 9॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd