श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 33: सीता और लक्ष्मण सहित श्रीराम का दुःखी नगरवासियों के मुख से तरह की बातें सुनते हुए पिता के दर्शन के लिये कैकेयी के महल में जाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  2.33.5 
पदातिं सानुजं दृष्ट्वा ससीतं च जनास्तदा।
ऊचुर्बहुजना वाच: शोकोपहतचेतस:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
श्री राम को अपने छोटे भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ पैदल जाते देख बहुत से लोगों के हृदय शोक से भर गए। वे खेदपूर्वक कहने लगे-॥5॥
 
Seeing Shri Ram going on foot with his younger brother Lakshman and wife Sita, the hearts of many people were filled with grief. They started saying regretfully -॥ 5॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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