श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 32: लक्ष्मण सहित श्रीराम द्वारा ब्राह्मणों, ब्रह्मचारियों, सेवकों, त्रिजट ब्राह्मण और सुहृज्जनों को धन का वितरण  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.32.38 
स तीर्त्वा सरयूपारं दण्डस्तस्य कराच्च्युत:।
गोव्रजे बहुसाहस्रे पपातोक्षणसंनिधौ॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण के हाथ से छूटी हुई छड़ी सरयू के उस पार जाकर हजारों गायों से भरी हुई गोशाला में एक बैल के पास गिरी। 38.
 
The stick that dropped from the Brahmin's hand went to the other side of Saryu and fell near a bull in a cattle shed filled with thousands of cows. 38.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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