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ramayan 2.32.27: यह सुनकर सब सेवक उसका धन लाने लगे। वहाँ उस धन का बहुत बड़ा भाग एकत्रित दिखाई दिया, जो देखने योग्य था॥27॥   |   ramayan सर्ग 2.32: लक्ष्मण सहित श्रीराम द्वारा ब्राह्मणों, ब्रह्मचारियों, सेवकों, त्रिजट ब्राह्मण और सुहृज्जनों को धन का वितरण   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 32: लक्ष्मण सहित श्रीराम द्वारा ब्राह्मणों, ब्रह्मचारियों, सेवकों, त्रिजट ब्राह्मण और सुहृज्जनों को धन का वितरण  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  2.32.27 
ततोऽस्य धनमाजह्रु: सर्व एवोपजीविन:।
स राशि: सुमहांस्तत्र दर्शनीयो ह्यदृश्यत॥ २७॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर सब सेवक उसका धन लाने लगे। वहाँ उस धन का बहुत बड़ा भाग एकत्रित दिखाई दिया, जो देखने योग्य था॥27॥
 
On hearing this, all the servants started bringing his wealth. A huge amount of that wealth was seen collected there, which was worth seeing.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)