Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.32.26: वे सभी सेवक श्री राम के वन चले जाने से बहुत दुःखी हुए। उनसे पूर्वोक्त बात कहकर श्री राम ने अपने कोषाध्यक्ष से कहा - 'मेरे खजाने में जो भी धन है, उसे ले आओ।'॥ 26॥ | ramayan सर्ग 2.32: लक्ष्मण सहित श्रीराम द्वारा ब्राह्मणों, ब्रह्मचारियों, सेवकों, त्रिजट ब्राह्मण और सुहृज्जनों को धन का वितरण । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सभी सेवक श्री राम के वन चले जाने से बहुत दुःखी हुए। उनसे पूर्वोक्त बात कहकर श्री राम ने अपने कोषाध्यक्ष से कहा - 'मेरे खजाने में जो भी धन है, उसे ले आओ।'॥ 26॥
All those servants were very sad due to Shri Ram's departure to the forest. After saying the above to them, Shri Ram said to his treasurer - 'Bring all the wealth I have in the treasury'.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥