श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 3: राज्याभिषेक की तैयारी , राजा दशरथ का श्रीराम को राजनीति की बातें बताना  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  2.3.6-7h 
अभिषेकाय रामस्य यत् कर्म सपरिच्छदम्॥ ६॥
तदद्य भगवन् सर्वमाज्ञापयितुमर्हसि।
 
 
अनुवाद
'प्रभो! श्री रामजी के अभिषेक के लिए जो भी कार्य आवश्यक हो, उसे सांगोपांग से कहिए और सेवकों को आज ही उसकी तैयारी करने की आज्ञा दीजिए।'
 
'Lord! Whatever work is necessary for the consecration of Shri Ram, tell it to Sangopaang and order the servants to prepare for it today itself. 6 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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