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स तं सुस्थितमाभाष्य पुत्रं पुत्रवतां वर:॥ ३८॥
उवाचेदं वचो राजा देवेन्द्रमिव कश्यप:।
अनुवाद
जिस प्रकार कश्यप भगवान इन्द्र को पुकारते हैं, उसी प्रकार पुत्रों में श्रेष्ठ राजा दशरथ ने सिंहासन पर बैठकर अपने पुत्र श्री राम को संबोधित करते हुए उनसे इस प्रकार कहा -
Just as Kashyap calls out to Lord Indra, in the same manner King Dasharatha, the best among the sons, while sitting on his throne addressed his son Shri Ram and spoke to him thus -
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥