श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 3: राज्याभिषेक की तैयारी , राजा दशरथ का श्रीराम को राजनीति की बातें बताना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  2.3.22-23h 
तत: सुमन्त्रं द्युतिमान् राजा वचनमब्रवीत्॥ २२॥
राम: कृतात्मा भवता शीघ्रमानीयतामिति।
 
 
अनुवाद
इसके बाद महाप्रतापी राजा दशरथ ने सुमन्तराम से कहा - 'मित्र! शुद्धात्मा श्री राम को शीघ्र यहाँ ले आओ।'
 
After this the illustrious King Dasharatha said to Sumantram - 'Friend! Bring the pure souled Sri Rama here quickly.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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