श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 3: राज्याभिषेक की तैयारी , राजा दशरथ का श्रीराम को राजनीति की बातें बताना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  2.3.19-20h 
दीर्घासिबद्धगोधाश्च संनद्धा मृष्टवासस:॥ १९॥
महाराजाङ्गनं शूरा: प्रविशन्तु महोदयम्।
 
 
अनुवाद
"लंबी तलवारें लिए, गोह की खाल के दस्ताने पहने, कमरबंद बाँधे, स्वच्छ वस्त्र पहने हुए वीर योद्धा राजा के गौरवशाली प्रांगण में प्रवेश करें।" ॥19 1/2॥
 
"Carrying long swords, wearing gloves made of iguana skin, and tying their belts, the valiant warriors dressed in clean clothes should enter the glorious courtyard of the King." ॥19 1/2॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd