श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 3: राज्याभिषेक की तैयारी , राजा दशरथ का श्रीराम को राजनीति की बातें बताना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.3.16 
सूर्येऽभ्युदितमात्रे श्वो भविता स्वस्तिवाचनम्।
ब्राह्मणाश्च निमन्त्र्यन्तां कल्प्यन्तामासनानि च॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'कल सूर्योदय होगा और स्वस्ति वाचन होगा। इसके लिए ब्राह्मणों को बुलाओ और उनके लिए आसन की व्यवस्था करो।॥16॥
 
'Tomorrow the sun rises and there will be a recitation of Swasti Vachan. Invite the Brahmins for this and arrange seats for them.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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