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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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श्लोक 14
श्लोक
2.3.14
प्रशस्तमन्नं गुणवद् दधिक्षीरोपसेचनम्।
द्विजानां शतसाहस्रं यत्प्रकाममलं भवेत्॥ १४॥
अनुवाद
'दही, दूध और घी आदि से युक्त उत्तम एवं पौष्टिक भोजन तैयार करो, जो एक लाख ब्राह्मणों को खिलाने के लिए पर्याप्त हो।॥ 14॥
'Prepare very good and nutritious food mixed with curd, milk and ghee etc., which would be sufficient to feed one lakh Brahmins.॥ 14॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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