श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 24: कौसल्या का श्रीराम से अपने को भी साथ ले चलने के लिये आग्रह करना , श्रीराम का उन्हें रोकना और वन जाने के लिये उनकी अनुमति प्राप्त करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.24.9 
कथं हि धेनु: स्वं वत्सं गच्छन्तमनुगच्छति।
अहं त्वानुगमिष्यामि यत्र वत्स गमिष्यसि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘बेटा! जैसे गाय अपने बछड़े के पीछे-पीछे चलती है, वैसे ही मैं भी जहाँ-जहाँ तुम जाओगे, वहाँ-वहाँ तुम्हारे पीछे-पीछे चलूँगी।’॥9॥
 
'Son! Just as a cow follows its calf while going ahead, I too will follow you wherever you go.'॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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