श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 21: लक्ष्मण का श्रीराम को बलपूर्वक राज्य पर अधिकार कर लेने के लिये प्रेरित करना तथा श्रीराम का पिता की आज्ञा के पालन को ही धर्म बताना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.21.49 
त्वया मया च वैदेह्या लक्ष्मणेन सुमित्रया।
पितुर्नियोगे स्थातव्यमेष धर्म: सनातन:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
'तुम, मैं, सीता, लक्ष्मण और माता सुमित्रा भी पिता की आज्ञा में रहो। यही सनातन धर्म है।' 49॥
 
'You, me, Sita, Lakshman and mother Sumitra should also remain under father's orders. This is Sanatan Dharma. 49॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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