श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 21: लक्ष्मण का श्रीराम को बलपूर्वक राज्य पर अधिकार कर लेने के लिये प्रेरित करना तथा श्रीराम का पिता की आज्ञा के पालन को ही धर्म बताना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  2.21.41 
धर्मो हि परमो लोके धर्मे सत्यं प्रतिष्ठितम्।
धर्मसंश्रितमप्येतत् पितुर्वचनमुत्तमम्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
‘धर्म ही संसार में सर्वश्रेष्ठ है। धर्म में ही सत्य प्रतिष्ठित है। मेरे पिता का यह कथन भी सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि यह धर्म पर आधारित है।॥41॥
 
‘Religion is the best thing in the world. Truth is established in religion. This statement of my father is also the best because it is based on religion.॥ 41॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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