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श्लोक 2.21.34  |
एतैरन्यैश्च बहुभिर्देवि देवसमै: कृतम्।
पितुर्वचनमक्लीबं करिष्यामि पितुर्हितम्॥ ३४॥ |
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| अनुवाद |
| 'देवी! इसने तथा अन्य अनेक देवतुल्य लोगों ने अपने पिता की आज्ञा का उत्साहपूर्वक पालन किया है। अतः मैं भी अपनी कायरता त्यागकर अपने पिता का कल्याण करूँगा॥ 34॥ |
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| ‘Devi! He and many other god-like people have enthusiastically followed the orders of their father. Therefore, I will also leave my cowardice and do good for my father.॥ 34॥ |
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