श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 21: लक्ष्मण का श्रीराम को बलपूर्वक राज्य पर अधिकार कर लेने के लिये प्रेरित करना तथा श्रीराम का पिता की आज्ञा के पालन को ही धर्म बताना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.21.29 
विलपन्तीं तथा दीनां कौसल्यां जननीं तत:।
उवाच रामो धर्मात्मा वचनं धर्मसंहितम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
माता कौशल्या को इस प्रकार विलाप करते देख धर्मात्मा श्री रामजी ने ये धर्मयुक्त वचन कहे-॥29॥
 
Seeing mother Kausalya lamenting in such a pitiable manner, the righteous Sri Rama spoke these righteous words -॥ 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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