यदि त्वभिहितं राज्ञा त्वयि तन्न विपत्स्यते।
ततोऽहमभिधास्यामि न ह्येष त्वयि वक्ष्यति॥ २६॥
अनुवाद
'यदि राजा जो कुछ कहे वह तुम्हारे कानों तक पहुंचते-पहुंचते गुम न हो जाए, यदि तुम उसकी हर आज्ञा का पालन करने में समर्थ हो जाओ, तो मैं तुम्हें सब कुछ खुलकर बता दूंगा; वह स्वयं तुमसे कुछ नहीं कहेंगे।'
'If whatever the king says does not get lost on reaching your ears, if you are able to obey his every command, then I will tell you everything openly; he himself will not say anything to you.'