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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
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सर्ग 18: श्रीराम का कैकेयी से पिता के चिन्तित होने का कारण पूछना,कैकेयी का कठोरतापूर्वक अपने माँगे हुए वरों का वृत्तान्त बताना
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श्लोक 25
श्लोक
2.18.25
यदि तद् वक्ष्यते राजा शुभं वा यदि वाशुभम्।
करिष्यसि तत: सर्वमाख्यास्यामि पुनस्त्वहम्॥ २५॥
अनुवाद
'यदि तुम राजा की बात ठीक-ठीक मानो, चाहे वह अच्छी हो या बुरी, तो मैं तुम्हें पूरी बात फिर से बताऊँगा ॥ 25॥
'If you follow exactly what the king wants to say, whether it is good or bad, then I will tell you the whole thing again.॥ 25॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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