श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम का कैकेयी से पिता के चिन्तित होने का कारण पूछना,कैकेयी का कठोरतापूर्वक अपने माँगे हुए वरों का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.18.16 
यतोमूलं नर: पश्येत् प्रादुर्भावमिहात्मन:।
कथं तस्मिन् न वर्तेत प्रत्यक्षे सति दैवते॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'जिस जीवित परमेश्वर, प्रत्यक्ष पिता के कारण मनुष्य इस संसार में जन्म लेता है, उसके प्रति मनुष्य क्यों नहीं आचार-विचार करता?॥16॥
 
'Why would a man not behave in a manner towards the living God, the visible father, because of whom he sees his birth in this world?॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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