श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 17: श्रीराम का राजपथ की शोभा देखते और सुहृदों की बातें सुनते हुए पिता के भवन में प्रवेश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.17.9 
यथा स्म पोषिता: पित्रा यथा सर्वै: पितामहै:।
तत: सुखतरं सर्वे रामे वत्स्याम राजनि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
(तब वे आपस में कहने लगे-) 'भाइयों! जिस प्रकार श्री राम के पिता और हमारे सब पूर्वजों ने हमारा पालन-पोषण किया है, उसी प्रकार श्री राम के राजा बनने पर हम और भी अधिक सुखी होंगे॥ 9॥
 
(Then they started saying to each other -) 'Brothers! The way we have been brought up by Shri Ram's father and all our forefathers, we will be even happier when Shri Ram becomes the king.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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