श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 16: सुमन्त्र का श्रीराम को महाराज का संदेश सुनाना,श्रीराम का मार्ग में स्त्री पुरुषों की बातें सुनते हुए जाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.16.4 
ते समीक्ष्य समायान्तं रामप्रियचिकीर्षव:।
सहसोत्पतिता: सर्वे ह्यासनेभ्य: ससम्भ्रमा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
सुमन्त्र को आते देख वे सभी पुरुष जो श्री राम को प्रसन्न करना चाहते थे, सहसा अपने-अपने स्थान से उठकर खड़े हो गए॥4॥
 
Seeing Sumantra coming, all those men who wanted to please Shri Ram suddenly got up from their seats and stood up. 4॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd