श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 16: सुमन्त्र का श्रीराम को महाराज का संदेश सुनाना,श्रीराम का मार्ग में स्त्री पुरुषों की बातें सुनते हुए जाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.16.24 
पूर्वां दिशं वज्रधरो दक्षिणां पातु ते यम:।
वरुण: पश्चिमामाशां धनेशस्तूत्तरां दिशम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
‘पूर्व दिशा में वज्रधारी इन्द्र, दक्षिण दिशा में यमराज, पश्चिम दिशा में वरुण और उत्तर दिशा में कुबेर तुम्हारी रक्षा करें।’॥24॥
 
‘May the thunderbolt-wielding Indra protect you in the east, Yamaraja in the south, Varuna in the west and Kubera in the north.’॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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