श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 16: सुमन्त्र का श्रीराम को महाराज का संदेश सुनाना,श्रीराम का मार्ग में स्त्री पुरुषों की बातें सुनते हुए जाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.16.14 
एवमुक्तस्तु संहृष्टो नरसिंहो महाद्युति:।
तत: सम्मानयामास सीतामिदमुवाच ह॥ १४॥
 
 
अनुवाद
सुमन्त्र के ऐसा कहने पर परम तेजस्वी पुरुष श्री रामजी ने सीताजी का आदर करते हुए प्रसन्नतापूर्वक उनसे इस प्रकार कहा-॥14॥
 
On Sumantra saying this, the most brilliant man, Shri Ram, while respecting Sitaji, happily said to her thus -॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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