श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 16: सुमन्त्र का श्रीराम को महाराज का संदेश सुनाना,श्रीराम का मार्ग में स्त्री पुरुषों की बातें सुनते हुए जाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.16.13 
कौसल्या सुप्रजा राम पिता त्वां द्रष्टुमिच्छति।
महिष्यापि हि कैकेय्या गम्यतां तत्र मा चिरम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
‘श्रीराम! महारानी कौशल्या आपको पाकर उत्तम संतान की माता हो गई हैं। इस समय आपके पिता महारानी कैकेयी के पास बैठे हैं और आपसे मिलना चाहते हैं, अतः आप वहाँ जाइए, विलम्ब न कीजिए।’॥13॥
 
‘Shri Ram! Queen Kausalya has become the mother of the best child after getting you. Right now your father is sitting with Queen Kaikeyi and wants to see you, so go there, do not delay.’॥ 13॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd