श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 16: सुमन्त्र का श्रीराम को महाराज का संदेश सुनाना,श्रीराम का मार्ग में स्त्री पुरुषों की बातें सुनते हुए जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.16.1 
स तदन्त:पुरद्वारं समतीत्य जनाकुलम्।
प्रविविक्तां तत: कक्ष्यामाससाद पुराणवित्॥ १॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन कथाओं में पारंगत सूत सुमन्त्र लोगों से भरे हुए भीतरी कक्ष के द्वार को पार करके महल के एकांत कक्ष में पहुँचे जहाँ बिल्कुल भी भीड़ नहीं थी॥1॥
 
Suta Sumantrā, who was well versed in ancient tales, crossed the gate of the inner chamber which was crowded with people and reached a secluded room of the palace where there was no crowd at all.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)