Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.15.41: उत्तम वस्तुओं को प्राप्त करने के अधिकारी श्री राम का वह महान एवं समृद्ध भवन, इन्द्र के भवन के समान सुन्दर था। वहाँ चारों ओर फैले हुए मृगों और मोरों ने उसकी शोभा और भी बढ़ा दी थी। वहाँ पहुँचकर सारथि सुमन्त्र का शरीर अपार आनन्द से पुलकित हो उठा। 41॥ | ramayan सर्ग 2.15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्तम वस्तुओं को प्राप्त करने के अधिकारी श्री राम का वह महान एवं समृद्ध भवन, इन्द्र के भवन के समान सुन्दर था। वहाँ चारों ओर फैले हुए मृगों और मोरों ने उसकी शोभा और भी बढ़ा दी थी। वहाँ पहुँचकर सारथि सुमन्त्र का शरीर अपार आनन्द से पुलकित हो उठा। 41॥
That great and prosperous house of Shri Ram, who had the right to obtain the best things, was as beautiful as the house of Lord Indra. Its beauty was further enhanced by the deers and peacocks spread here and there. After reaching there, charioteer Sumantra's body became thrilled with immense joy. 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥