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ramayan 2.15.36: उस श्री राम के महल में नाना प्रकार के पक्षी चहचहा रहे थे, जो चन्द्रमा और सूर्य के समान तेजस्वी, कुबेर के महल के समान अक्षय धन से परिपूर्ण तथा इन्द्र के निवास के समान भव्य और सुन्दर था।   |   ramayan सर्ग 2.15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.15.36 
चन्द्रभास्करसंकाशं कुबेरभवनोपमम्।
महेन्द्रधामप्रतिमं नानापक्षिसमाकुलम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उस श्री राम के महल में नाना प्रकार के पक्षी चहचहा रहे थे, जो चन्द्रमा और सूर्य के समान तेजस्वी, कुबेर के महल के समान अक्षय धन से परिपूर्ण तथा इन्द्र के निवास के समान भव्य और सुन्दर था।
 
Birds of various kinds were chirping in that Sri Rama's palace which was as effulgent as the Moon and the Sun, as full of inexhaustible wealth as Kubera's palace, and as grand and beautiful as Indra's abode.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)