Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.15.24-25h: जब मनन में कुशल सारथि सुमन्तराम इस प्रकार स्तुति करने लगे, तब राजा ने जागकर उनसे यह कहा - ॥24 1/2॥   |   ramayan सर्ग 2.15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  2.15.24-25h 
स्तुवन्तं तं तदा सूतं सुमन्त्रं मन्त्रकोविदम्॥ २४॥
प्रतिबुद्धॺ ततो राजा इदं वचनमब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
जब मनन में कुशल सारथि सुमन्तराम इस प्रकार स्तुति करने लगे, तब राजा ने जागकर उनसे यह कहा - ॥24 1/2॥
 
When the charioteer Sumantram, skilled in contemplation, started praising in this manner, then the king woke up and said this to him - ॥24 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)