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श्लोक 2.14.64  |
अश्रुत्वा राजवचनं कथं गच्छामि भामिनि।
तच्छ्रुत्वा मन्त्रिणो वाक्यं राजा मन्त्रिणमब्रवीत्॥ ६४॥ |
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| अनुवाद |
| तब सुमन्तराम बोले - ‘बहन ! राजा की आज्ञा सुने बिना मैं कैसे जा सकता हूँ ?’ मंत्री की बात सुनकर राजा ने उनसे कहा - ॥64॥ |
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| Then Sumantram said - 'Sister! How can I go without hearing the king's orders?' After listening to the minister, the king said to him - ॥64॥ |
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