श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 14: कैकेयी का राजा को अपने वरों की पूर्ति के लिये दुराग्रह दिखाना, राजा की आज्ञा से सुमन्त्र का श्रीराम को बुलाना  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  2.14.64 
अश्रुत्वा राजवचनं कथं गच्छामि भामिनि।
तच्छ्रुत्वा मन्त्रिणो वाक्यं राजा मन्त्रिणमब्रवीत्॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
तब सुमन्तराम बोले - ‘बहन ! राजा की आज्ञा सुने बिना मैं कैसे जा सकता हूँ ?’ मंत्री की बात सुनकर राजा ने उनसे कहा - ॥64॥
 
Then Sumantram said - 'Sister! How can I go without hearing the king's orders?' After listening to the minister, the king said to him - ॥64॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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