श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 14: कैकेयी का राजा को अपने वरों की पूर्ति के लिये दुराग्रह दिखाना, राजा की आज्ञा से सुमन्त्र का श्रीराम को बुलाना  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  2.14.54 
उदतिष्ठत रामस्य समग्रमभिषेचनम्।
पौरजानपदाश्चापि नैगमश्च कृताञ्जलि:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
'श्री राम के राज्याभिषेक की सभी तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं। नगर और जिले की जनता तथा प्रमुख व्यापारीगण भी हाथ जोड़कर उपस्थित हैं।' 54.
 
‘All preparations for Shri Ram's coronation have been completed. The people of the city and the district and the main traders are also present with folded hands. 54.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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