श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 14: कैकेयी का राजा को अपने वरों की पूर्ति के लिये दुराग्रह दिखाना, राजा की आज्ञा से सुमन्त्र का श्रीराम को बुलाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.14.10 
समयं च ममार्येमं यदि त्वं न करिष्यसि।
अग्रतस्ते परित्यक्ता परित्यक्ष्यामि जीवितम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘आर्य! यदि आप मुझसे की गई यह प्रतिज्ञा पूरी नहीं करेंगे, तो मैं आपके द्वारा त्याग दी जाऊँगी और आपके सामने ही अपने प्राण त्याग दूँगी।’॥10॥
 
'Arya! If you do not fulfill this promise made to me, then I will be abandoned by you and give up my life in front of you.'॥ 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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