श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 13: राजा का विलाप और कैकेयी से अनुनय-विनय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.13.4 
एवमुक्तस्तु कैकेय्या राजा दशरथस्तदा।
प्रत्युवाच तत: क्रुद्धो मुहूर्तं विह्वलन्निव॥ ४॥
 
 
अनुवाद
कैकेयी के ऐसा कहने पर राजा दशरथ कुछ क्षण तक व्याकुल रहे, फिर क्रोधित होकर उसे इस प्रकार उत्तर देने लगे -॥4॥
 
When Kaikeyi said this, King Dasharath remained in a disturbed state for a few moments. Then he became angry and started replying to her in this manner -॥ 4॥
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