श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 12: महाराज दशरथ की चिन्ता, विलाप, कैकेयी को फटकारना, समझाना और उससे वैसा वर न माँगने के लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  2.12.93 
मृते मयि गते रामे वनं पुरुषपुङ्गवे।
सेदानीं विधवा राज्यं सपुत्रा कारयिष्यसि॥ ९३॥
 
 
अनुवाद
'महापुरुष श्री राम के वन में चले जाने पर अब तुम विधवा होकर अपने पुत्र के साथ अयोध्या का शासन करोगी ॥93॥
 
'After the death of the great man Shri Ram after going to the forest, now you will become a widow and rule Ayodhya with your son. 93॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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