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ramayan 2.119.12: यह सुनकर देवी के समान सुन्दर सीताजी ने उन वस्त्रों और आभूषणों से अपना श्रृंगार किया और अनसूया के चरणों पर सिर नवाकर वे श्री रामजी के सम्मुख गईं॥12॥   |   ramayan सर्ग 2.119: अनसूया की आज्ञा से सीता का उनके दिये हुए वस्त्राभूषणों को धारण करके श्रीरामजी के पास आना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.119.12 
सा तदा समलंकृत्य सीता सुरसुतोपमा।
प्रणम्य शिरसा पादौ रामं त्वभिमुखी ययौ॥ १२॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर देवी के समान सुन्दर सीताजी ने उन वस्त्रों और आभूषणों से अपना श्रृंगार किया और अनसूया के चरणों पर सिर नवाकर वे श्री रामजी के सम्मुख गईं॥12॥
 
Hearing this, Sita, who was as beautiful as a goddess, adorned herself with those clothes and ornaments and after bowing her head at the feet of Anasuya, she went in front of Shri Ram. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)