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श्लोक 2.118.24  |
स्वयंवरे किल प्राप्ता त्वमनेन यशस्विना।
राघवेणेति मे सीते कथा श्रुतिमुपागता॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| 'सीते, मैंने सुना है कि महाप्रतापी राघवेन्द्र ने तुम्हें स्वयंवर में प्राप्त किया है। |
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| 'Sita, I have heard that the illustrious Raghavendra obtained you in a swayamvara. |
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