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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
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सर्ग 116: वृद्ध कुलपति सहित बहुत-से ऋषियों का चित्रकूट छोड़कर दूसरे आश्रम में जाना
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श्लोक 19
श्लोक
2.116.19
तत् पुरा राम शारीरीमुपहिंसां तपस्विषु।
दर्शयन्ति हि दुष्टास्ते त्यक्ष्याम इममाश्रमम्॥ १९॥
अनुवाद
'श्रीराम! इससे पहले कि वे दुष्ट राक्षस तपस्वियों पर शारीरिक हिंसा करें, हम इस आश्रम को त्याग देंगे॥ 19॥
'Shri Ram! Before those evil demons unleash physical violence on the ascetics, we will abandon this ashram.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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