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ramayan 2.113.7: महर्षि भरद्वाज उनके आगमन से बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने भरत से पूछा - 'बेटा! क्या तुम्हारा कार्य सिद्ध हुआ? क्या तुम श्री रामचन्द्रजी से मिले?'॥7॥   |   ramayan सर्ग 2.113: भरत का भरद्वाज से मिलते हुए अयोध्या को लौट आना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 113: भरत का भरद्वाज से मिलते हुए अयोध्या को लौट आना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.113.7 
ततो हृष्टो भरद्वाजो भरतं वाक्यमब्रवीत्।
अपि कृत्यं कृतं तात रामेण च समागतम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महर्षि भरद्वाज उनके आगमन से बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने भरत से पूछा - 'बेटा! क्या तुम्हारा कार्य सिद्ध हुआ? क्या तुम श्री रामचन्द्रजी से मिले?'॥7॥
 
Maharishi Bharadwaj was very pleased with his arrival and he asked Bharata - 'Son! Was your task accomplished? Did you meet Shri Ramchandraji?'॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)