Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.111.5: तात! ये आपके पार्षद, सम्बन्धी और सामन्त आये हुए हैं, इनके साथ धर्मपूर्वक व्यवहार करने पर भी आप धर्म का उल्लंघन नहीं करेंगे॥5॥ | ramayan सर्ग 2.111: श्रीराम को पिता की आज्ञा के पालन से विरत होते न देख भरत का धरना देने को तैयार होना तथा श्रीराम का उन्हें समझाकर अयोध्या लौटने की आज्ञा देना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इमा हि ते परिषदो ज्ञातयश्च नृपास्तथा।
एषु तात चरन् धर्मं नातिवर्ते: सतां गतिम्॥ ५॥
अनुवाद
तात! ये आपके पार्षद, सम्बन्धी और सामन्त आये हुए हैं, इनके साथ धर्मपूर्वक व्यवहार करने पर भी आप धर्म का उल्लंघन नहीं करेंगे॥5॥
‘Tat! These are your councilors, relatives and feudal lords who have come, you will not violate the right path even if you behave towards them in a religious manner. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥