Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.109.12: झूठ बोलनेवाले मनुष्य से सब लोग उसी प्रकार डरते हैं, जैसे साँप से। इस संसार में सत्य ही धर्म का शिखर है और वही सबका मूल कहा गया है॥12॥ | ramayan सर्ग 2.109: श्रीराम के द्वारा जाबालि के नास्तिक मत का खण्डन करके आस्तिक मत का स्थापन । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
झूठ बोलनेवाले मनुष्य से सब लोग उसी प्रकार डरते हैं, जैसे साँप से। इस संसार में सत्य ही धर्म का शिखर है और वही सबका मूल कहा गया है॥12॥
‘Everyone is afraid of a man who lies, just as they are afraid of a snake. In this world, truth is the pinnacle of religion and it is said to be the root of everything.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥