श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 107: श्रीराम का भरत को समझाकर उन्हें अयोध्या जाने का आदेश देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.107.8 
सोऽयं वनमिदं प्राप्तो निर्जनं लक्ष्मणान्वित:।
सीतया चाप्रतिद्वन्द्व: सत्यवादे स्थित: पितु:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'इसीलिए मैं सीता और लक्ष्मण के साथ इस निर्जन वन में आया हूँ। यहाँ मेरा कोई प्रतिद्वंदी नहीं है। मैं पिता के सत्य की रक्षा के लिए यहीं रहूँगा।'
 
'This is why I have come to this deserted forest with Sita and Lakshman. I have no rival here. I will remain here to protect father's truth.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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