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ramayan 2.107.3: भैया, बहुत समय पहले की बात है। जब पिताजी का विवाह तुम्हारी माता से हुआ था, तब उन्होंने तुम्हारे नाना से कैकेयी के पुत्र को राज्य देने की अच्छी शर्त रखी थी।   |   ramayan सर्ग 2.107: श्रीराम का भरत को समझाकर उन्हें अयोध्या जाने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 107: श्रीराम का भरत को समझाकर उन्हें अयोध्या जाने का आदेश देना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.107.3 
पुरा भ्रात: पिता न: स मातरं ते समुद्वहन्।
मातामहे समाश्रौषीद् राज्यशुल्कमनुत्तमम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
भैया, बहुत समय पहले की बात है। जब पिताजी का विवाह तुम्हारी माता से हुआ था, तब उन्होंने तुम्हारे नाना से कैकेयी के पुत्र को राज्य देने की अच्छी शर्त रखी थी।
 
Brother, it is a matter of a long time ago. When father got married to your mother, he had made a good condition with your maternal grandfather to give the kingdom to Kaikeyi's son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)