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ramayan 2.106.21: 'यदि तुम महान दुःख देने वाले धर्म का पालन करना चाहते हो, तो तुम्हें धर्मानुसार चारों वर्णों का पालन करते हुए दुःख सहन करना होगा।॥ 21॥   |   ramayan सर्ग 2.106: भरत की पुनः श्रीराम से अयोध्या लौटने और राज्य ग्रहण करने की प्रार्थना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.106.21 
अथ क्लेशजमेव त्वं धर्मं चरितुमिच्छसि।
धर्मेण चतुरो वर्णान् पालयन् क्लेशमाप्नुहि॥ २१॥
 
 
अनुवाद
'यदि तुम महान दुःख देने वाले धर्म का पालन करना चाहते हो, तो तुम्हें धर्मानुसार चारों वर्णों का पालन करते हुए दुःख सहन करना होगा।॥ 21॥
 
'If you wish to follow the Dharma that can cause great suffering, then you must bear the pain while following the four Varnas (castes) in accordance with the Dharma.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)