श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 103: श्रीराम आदि का विलाप, पिता के लिये जलाञ्जलि-दान, पिण्डदान और रोदन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.103.7 
स राम: स्वर्गतं श्रुत्वा पितरं पृथिवीपतिम्।
उवाच भरतं वाक्यं धर्मात्मा धर्मसंहितम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी के राजा दशरथ के स्वर्ग चले जाने की बात सुनकर धर्मात्मा भगवान राम ने भरत से यह धर्मपूर्ण बात कही -
 
On hearing that King Dasharatha of the earth has gone to heaven, the righteous Lord Rama said this righteous thing to Bharata -
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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