श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 100: श्रीराम का भरत को कुशल-प्रश्न के बहाने राजनीति का उपदेश करना  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  2.100.72 
कच्चित् ते सफला वेदा: कच्चित् ते सफला: क्रिया:।
कच्चित् ते सफला दारा: कच्चित् ते सफलं श्रुतम्॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
क्या तुम वेदों के अनुसार कर्म करते हो और उन्हें सफल बनाते हो? क्या तुम्हारे कर्म सफल होते हैं? क्या तुम्हारी पत्नियाँ सफल होती हैं? क्या तुम्हारा शास्त्रज्ञान भी विनय आदि गुणों को उत्पन्न करके सफल हुआ है?॥ 72॥
 
‘Do you work according to the instructions of the Vedas and make them successful? Are your activities successful (in achieving the objective)? Are your wives successful (in bearing children)? And has your knowledge of scriptures also proved successful by producing virtues like humility etc.?॥ 72॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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