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श्लोक 2.100.71  |
मन्त्रिभिस्त्वं यथोद्दिष्टं चतुर्भिस्त्रिभिरेव वा।
कच्चित् समस्तैर्व्यस्तैश्च मन्त्रं मन्त्रयसे बुध॥ ७१॥ |
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| अनुवाद |
| हे विद्वान्! क्या तुम चार या तीन मन्त्रियों से नीति के अनुसार एक साथ अथवा पृथक्-पृथक् परामर्श करते हो?॥ 71॥ |
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| ‘Learned one! Do you consult with four or three ministers as prescribed by ethics, either together or with all of them separately?॥ 71॥ |
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