Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.9.12-13: हे राजन! विभाण्डक के पुत्र ऋष्यश्रृंग वेदों के विद्वान हैं। हे राजन! आप उन्हें अवश्य यहाँ ले आएँ। उन्हें बुलाकर उनका भली-भाँति स्वागत करें। फिर एकाग्रचित्त होकर वैदिक रीति से अपनी पुत्री शांता का विवाह उनके साथ कर दें।॥12-13॥ | ramayan सर्ग 1.9: सुमन्त्र का दशरथ को ऋष्यशृंग मुनि को बुलाने की सलाह और शान्ता से विवाह का प्रसंग सुनाना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! विभाण्डक के पुत्र ऋष्यश्रृंग वेदों के विद्वान हैं। हे राजन! आप उन्हें अवश्य यहाँ ले आएँ। उन्हें बुलाकर उनका भली-भाँति स्वागत करें। फिर एकाग्रचित्त होकर वैदिक रीति से अपनी पुत्री शांता का विवाह उनके साथ कर दें।॥12-13॥
‘O King! Vibhandak's son Rishyashringa is a learned scholar of the Vedas. O king! You should bring him here by all means. Call him and welcome him well. Then with a concentrated mind, marry your daughter Shanta to him according to the Vedic rituals.'॥ 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥